लोकमत न्यूज नेटवर्क, नवी दिल्ली : आंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वातंत्र्यावरील अमेरिकन आयोगाच्या ताज्या अहवालात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघावर बंदी घालण्याची शिफारस केल्याने भारतात संतापाची लाट आहे. भारताचे २५ माजी न्यायाधीश, ११९ निवृत्त सनदी अधिकारी आणि लष्कराच्या १३१ माजी वरिष्ठ अधिकाऱ्यांसह एकूण २७५ दिग्गजांनी या अहवालाचा तीव्र शब्दांत निषेध केला आहे.
या अहवालाला ‘बौद्धिक दिवाळखोरी’ आणि ‘पूर्वग्रहदूषित’ ठरवत या निवृत्त अधिकाऱ्यांनी शनिवारी एक संयुक्त पत्रक जारी केले. अमेरिकन सरकारने या अहवालासाठी माहिती पुरवणाऱ्या व्यक्तींची सखोल चौकशी करावी, अशी मागणी त्यांनी केली आहे.
English
हिंदी सारांश
Web Title : Indian dignitaries condemn US report calling for RSS ban.
Web Summary : Prominent Indian figures, including retired judges and military officers, strongly denounce the American report recommending a ban on the RSS. They call the report biased and demand investigation into its sources, citing intellectual bankruptcy.
Web Summary : Prominent Indian figures, including retired judges and military officers, strongly denounce the American report recommending a ban on the RSS. They call the report biased and demand investigation into its sources, citing intellectual bankruptcy.
Web Title : आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग वाले अमेरिकी रिपोर्ट की भारतीय दिग्गजों ने की निंदा।
Web Summary : सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और सैन्य अधिकारियों सहित प्रमुख भारतीय हस्तियों ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करने वाली अमेरिकी रिपोर्ट की कड़ी निंदा की। उन्होंने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताया और इसके स्रोतों की जांच की मांग की, इसे बौद्धिक दिवालियापन करार दिया।
Web Summary : सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और सैन्य अधिकारियों सहित प्रमुख भारतीय हस्तियों ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करने वाली अमेरिकी रिपोर्ट की कड़ी निंदा की। उन्होंने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताया और इसके स्रोतों की जांच की मांग की, इसे बौद्धिक दिवालियापन करार दिया।