मुंबई: महाराष्ट्रातील आगामी २९ महापालिकांच्या निवडणुकांपूर्वी मतदारांच्या संख्येत मोठी वाढ झाल्याचे समोर आले आहे. शहरीकरण आणि नवीन गृहप्रकल्पांमुळे मुंबई महानगर प्रदेश (MMR) आणि पुणे-पिंपरी परिसरातील मतदार नोंदणीने नवा उच्चांक गाठला आहे. विशेषतः तरुण मतदारांची वाढलेली संख्या आगामी निवडणुकीत निर्णायक ठरणार आहे.
राज्यातील २९ महापालिकांचा विचार करता पिंपरी-चिंचवडमध्ये मतदारांच्या संख्येत सर्वात मोठी वाढ (४४%) नोंदवली गेली आहे. येथे मागील निवडणुकीच्या तुलनेत तब्बल ५,२१,८०२ नवीन मतदारांची भर पडली आहे. आयटी हब आणि औद्योगिक विकासामुळे येथे स्थलांतरितांची संख्या वाढल्याचा हा परिणाम असल्याचे तज्ज्ञांचे मत आहे.
वाढीव मतदारांचा कोणाला 'धसका'अनेक शहरांमध्ये ५० हजार ते ५ लाखांपर्यंत मतदार वाढल्याने प्रभाग रचनेचे गणित पूर्णपणे बदलले आहे. नवीन मतदारांमध्ये तरुणांचे प्रमाण मोठे असल्याने सोशल मीडियाच्या माध्यमातून होणारा प्रचार आता महत्त्वाचा ठरणार आहे. मुंबई आणि ठाणे यांसारख्या शहरांमध्ये वाढलेले मतदार कुणाच्या पारड्यात वजन टाकतात, यावर सत्ता कुणाची येणार हे अवलंबून असेल. पिंपरी चिंचवडमध्ये स्थलांतरीत झालेला तरुण वर्ग कोणाच्या बाजुने मतदान करतो, यावर अजित पवार राष्ट्रवादी, भाजपा आणि शिवसेनेचे भविष्य ठरणार आहे.
मतदान केंद्रांवर वाढणार ताण?मतदार वाढल्यामुळे निवडणूक आयोगाला संवेदनशील केंद्रांची संख्याही वाढवावी लागली आहे. उदा. ठाण्यात १७६ तर पुण्यात ९०६ संवेदनशील केंद्रे जाहीर करण्यात आली आहेत. मतदारांना रांगेत उभे राहावे लागू नये यासाठी जास्तीत जास्त कर्मचारी आणि पोलीस बंदोबस्त तैनात केला जाणार आहे.
प्रमुख शहरांमधील मतदार वाढीचा आलेखखालील तक्त्यावरून लक्षात येईल की कोणत्या शहरात किती नवीन मतदार वाढले आहेत:
| अ.क्र. | महानगरपालिका | प्रभाग | एकूण सदस्य | उमेदवार | एकूण मतदार | मतदार वाढ | मागील मतदान (%) |
| १ | बृहन्मुंबई (BMC) | २२७ | २२७ | १७०० | १,०३,४४,३१५ | ११,६३,६६१ | ५८.०८% |
| २ | पुणे (PMC) | १६५ | १६५ | १९५५ | ३५,५१,८५४ | ३,२१,३५४ | ५३.५०% |
| ३ | नागपूर (NMC) | ३८ | १५१ | ९९३ | २४,८३,११२ | ३,८९,७२० | ५३.७३% |
| ४ | पिंपरी-चिंचवड | ३२ | १२८ | ६९२ | १७,१३,८९१ | ५,२१,८०२ | ४४.१% |
| ५ | ठाणे (TMC) | ३३ | १३१ | ६४९ | १६,४९,८६८ | ४,२१,२६२ | ५८.०८% |
| ६ | नाशिक | ३१ | १२२ | ७३५ | १३,६०,७२२ | ३,०७,००० | ६१% |
| ७ | कल्याण-डोंबिवली | ३१ | १२२ | ४८८ | १४,२४,५२० | १,७३,८७४ | ४५.६१% |
| ८ | वसई-विरार | २९ | ११५ | - | ११,२७,६३७ | - | ४९% |
| ९ | छत्रपती संभाजीनगर | २९ | ११७ | १२६७ | ११,१८,१९८ | ८,१२,००० | ६३% |
| १० | नवी मुंबई | २८ | १११ | ५०० | ९,४८,४६० | - | - |
| ११ | सोलापूर | २६ | १०२ | ५६४ | ९,२४,७०६ | २,५०,७६४ | ५९.५६% |
| १२ | मिरा-भाईदर | २४ | ९५ | - | ८,१९,१५३ | - | - |
| १३ | भिवंडी-निजामपूर | २३ | ९० | ४३८ | ६,६९,०३३ | १,८९,७८० | ५१% |
| १४ | अमरावती | २२ | ८७ | ६६१ | ६,७७,१८० | १,६४,६४८ | - |
| १५ | मालेगाव | २१ | ८४ | ३०१ | ५,१७,६६३ | १,२६,३४३ | - |
| १६ | कोल्हापूर | २० | ८१ | ३२७ | ४,९४,७११ | - | ६८.८५% |
| १७ | उल्हासनगर | २० | ७८ | ५९६ | ४,३९,९१२ | ३५,१९३ | ४६.४०% |
| १८ | सांगली-मिरज-कुपवाड | २० | ७८ | ३८१ | ४,३०,२४० | - | ६२.१७% |
| १९ | अकोला | २० | ८० | ६३० | ५,५०,०६० | ७२,६८८ | ५५.९२% |
| २० | नांदेड | २० | ८१ | ४९१ | ५,०१,७९९ | १,०४,९२७ | ६५% |
| २१ | पनवेल | २० | ७८ | २४६ | १२,२९,१२५ | - | ५९.७२% |
| २२ | धुळे | १९ | ७४ | ३१६ | ५,०६,१८० | - | - |
| २३ | जळगाव | १९ | ७५ | ३२१ | ७,३०,३८७ | १०,००० | - |
| २४ | लातूर | १८ | ७० | ३५९ | ३,७५,०९९ | ९९,००० | - |
| २५ | अहिल्यानगर | १७ | ६७ | २८३ | ४,३८,५२३ | - | ६८% |
| २६ | इचलकरंजी | १६ | ६५ | ३०२ | २,४८,२०७ | २९,०४१ | ७६.५०% |
| २७ | जालना | १६ | ६५ | २०१ | २,४४,१०२ | ३३,१७४ | ५३.२५% |
| २८ | परभणी | १६ | ६५ | ४११ | २,६१,२०० | ४८,३५१ | ६३% |
| २९ | चंद्रपूर | १५ | ६६ | - | २,९९,९९४ | - | ५२.५६% |
Web Summary : Maharashtra's municipal elections see voter increases, especially in Pimpri-Chinchwad (44%). This surge, driven by urbanization and young voters, significantly alters electoral dynamics. Increased sensitive polling locations and staffing are needed.
Web Summary : महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी, खासकर पिंपरी-चिंचवड (44%) में। शहरीकरण और युवा मतदाताओं के कारण यह वृद्धि चुनावी समीकरणों को बदल देगी। संवेदनशील मतदान केंद्र भी बढ़ेंगे।