टोमॅटो पिकाला सध्या अत्यल्प बाजारभाव मिळत असल्याने शेतकरी वर्ग चिंतेत सापडला आहे. उत्पादन खर्चही वसूल होत नसल्याने अनेक ठिकाणी शेतकऱ्यांवर टोमॅटो फेकून देण्याची वेळ आली आहे. तरकारी पिकांना समाधानकारक दर मिळत नसल्याने ग्रामीण भागातील शेतकऱ्यांचे अर्थकारण कोलमडले आहे.
टोमॅटो लागवडीसाठी एका एकरात नांगरणी, बेड तयार करणे, ठिबक सिंचन, रोपांची लागवड, खते व औषधांचा खर्च मिळून एकरी एक लाख रुपयांहून अधिक खर्च येतो. मात्र सध्याच्या परिस्थितीत बाजारात प्रति दहा किलो टोमॅटोला अवघे १५० रुपये दर मिळत आहे. वाढती उष्णता, ढगाळ वातावरण आणि अवकाळी पावसाचा फटका पिकाला बसल्याने उत्पादन व गुणवत्ता यावर परिणाम झाला आहे.
दरम्यान, मजुरी दरातही मोठी वाढ झाली आहे. पुणे जिल्ह्याच्या पुरंदर तालुक्यातील जेजुरी औद्योगिक वसाहतीत कामगारांना दिवसाला ५०० ते ७०० रुपये मजुरी मिळत असल्याने शेतमजूर शेतीकडे पाठ फिरवत आहेत. त्यामुळे शेतीकामासाठी मजूर मिळणे कठीण झाले असून, शेतकऱ्यांचा खर्च आणखी वाढत आहे.
मागील वर्षी झालेल्या भरपूर पावसामुळे सर्वत्र भाजीपाला पिकांचे उत्पादन वाढले होते. परिणामी बाजारात पुरवठा जास्त झाल्याने दर घसरले. कांद्यालाही अपेक्षित बाजारभाव न मिळाल्याने तो अजूनही शेतातच पडून आहे. त्यातच अवकाळी पावसामुळे कांद्याचे नुकसान होत असून, शेतकरी दुहेरी संकटात सापडला आहे.
"मागील वर्षी पावसाचे प्रमाण चांगले असल्याने पाणी उपलब्ध होते. त्यामुळे मोठ्या प्रमाणात टोमॅटो लागवड केली. मात्र सध्याचा बाजारभाव पाहता माल विक्रीस नेण्यापेक्षा फेकून देण्याची वेळ आली आहे. खर्चही निघत नसल्याने आर्थिक संकट गडद झाले आहे," अशी व्यथा तानाजी भुजबळ यांनी व्यक्त केली.
कृषि पणन मंडळाच्या अधिकृत माहितीनुसार राज्याच्या विविध बाजारातील टोमॅटो आवक व दर
| बाजार समिती | जात/प्रत | परिमाण | आवक | कमीत कमी दर | जास्तीत जास्त दर | सर्वसाधारण दर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 23/04/2026 | ||||||
| अकोला | --- | क्विंटल | 490 | 400 | 1000 | 700 |
| मुंबई - कांदा बटाटा मार्केट | --- | क्विंटल | 8673 | 600 | 1300 | 950 |
| खेड-चाकण | --- | क्विंटल | 200 | 900 | 1300 | 1100 |
| धुळे | लाल | क्विंटल | 670 | 590 | 920 | 610 |
| धाराशिव | लाल | क्विंटल | 67 | 400 | 800 | 600 |
| मालेगाव-मुंगसे | लाल | क्विंटल | 60 | 200 | 570 | 500 |
| नागपूर | लाल | क्विंटल | 2000 | 800 | 1200 | 1100 |
| मनमाड | लाल | क्विंटल | 200 | 200 | 635 | 585 |
| हिंगणा | लाल | क्विंटल | 8 | 1200 | 1200 | 1200 |
| सांगली -फळे भाजीपाला | लोकल | क्विंटल | 2799 | 300 | 1200 | 750 |
| पुणे | लोकल | क्विंटल | 6478 | 400 | 1100 | 750 |
| पुणे -पिंपरी | लोकल | क्विंटल | 21 | 500 | 1000 | 750 |
| पुणे-मांजरी | लोकल | क्विंटल | 65 | 400 | 1000 | 800 |
| पुणे-मोशी | लोकल | क्विंटल | 697 | 300 | 1000 | 650 |
| इस्लामपूर | लोकल | क्विंटल | 229 | 700 | 1000 | 850 |
| वडूज | लोकल | क्विंटल | 100 | 100 | 1000 | 500 |
| मंगळवेढा | लोकल | क्विंटल | 45 | 200 | 950 | 700 |
| कामठी | लोकल | क्विंटल | 18 | 1520 | 2020 | 1770 |
| शेवगाव | नं. १ | क्विंटल | 630 | 600 | 900 | 750 |
| कल्याण | नं. १ | क्विंटल | 3 | 1000 | 1300 | 1150 |
| शेवगाव | नं. २ | क्विंटल | 712 | 300 | 500 | 400 |
| शेवगाव | नं. ३ | क्विंटल | 698 | 100 | 200 | 125 |
| नागपूर | पांढरा | क्विंटल | 1360 | 800 | 1000 | 950 |
| हिंगणा | पांढरा | क्विंटल | 7 | 900 | 1000 | 950 |
| येवला | उन्हाळी | क्विंटल | 3000 | 200 | 1126 | 800 |
| येवला -आंदरसूल | उन्हाळी | क्विंटल | 500 | 350 | 953 | 701 |
| नाशिक | उन्हाळी | क्विंटल | 1505 | 230 | 1100 | 700 |
| लासलगाव | उन्हाळी | क्विंटल | 10036 | 400 | 1501 | 1025 |
| लासलगाव - निफाड | उन्हाळी | क्विंटल | 3620 | 411 | 1188 | 951 |
| लासलगाव - विंचूर | उन्हाळी | क्विंटल | 9005 | 500 | 1612 | 1000 |
| मालेगाव-मुंगसे | उन्हाळी | क्विंटल | 8000 | 130 | 1055 | 593 |
| संगमनेर | उन्हाळी | क्विंटल | 4472 | 200 | 1280 | 740 |
| चांदवड | उन्हाळी | क्विंटल | 12030 | 100 | 1640 | 910 |
| मनमाड | उन्हाळी | क्विंटल | 2000 | 300 | 1180 | 900 |
| कोपरगाव | उन्हाळी | क्विंटल | 1920 | 100 | 1061 | 750 |
| कोपरगाव | उन्हाळी | क्विंटल | 2880 | 400 | 936 | 835 |
| पिंपळगाव बसवंत | उन्हाळी | क्विंटल | 32400 | 200 | 1921 | 1200 |
| पिंपळगाव(ब) - सायखेडा | उन्हाळी | क्विंटल | 530 | 500 | 1158 | 900 |
| भुसावळ | उन्हाळी | क्विंटल | 117 | 500 | 1000 | 800 |
| गंगापूर | उन्हाळी | क्विंटल | 1951 | 100 | 910 | 600 |
| रामटेक | उन्हाळी | क्विंटल | 28 | 1100 | 1500 | 1300 |
| देवळा | उन्हाळी | क्विंटल | 3610 | 150 | 1255 | 1000 |
Web Summary : Crashing tomato prices force farmers to discard crops. Low returns, high costs, and weather damage lead to severe financial distress in rural areas. Labor shortages further exacerbate the crisis.
Web Summary : टमाटर की कीमतें गिरने से किसान फसल फेंकने को मजबूर। कम आय, उच्च लागत और मौसम की मार से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर आर्थिक संकट है। मजदूरों की कमी ने संकट को और बढ़ा दिया है।