नितीन कांबळे
तापमानाचा पारा चढू लागल्याने सरबत विक्रेत्यांसह रसवंती गृहे, हॉटेल व्यावसायिक, तसेच घरगुती ग्राहकांकडून लिंबाची मागणी वाढली आहे. त्यामुळे किरकोळ बाजारात लिंबाचे दर वधारले आहेत.
सध्या सर्वत्र मागणीच्या तुलनेत पुरवठा कमी होत असल्याने दरात सातत्याने वाढ होत आहे. स्थानिक बाजारात लिंबाचा दर वाढल्याचे दिसून येत आहे.
उन्हाळ्याची चाहूल, पारा ३२ अंशांवर
उन्हाची चाहूल लागली असून, पारा दिवसेंदिवस वाढत चालला आहे. सध्या उन्हाचा पारा हा ३२ अंशांवर आहे.
तुलनेत पुरवठा कमी
उन्हाळ्यात लिंबाची आवक कमी होत असते आणि मागणी वाढत असते. मागणीच्या तुलनेत पुरवठा कमी होत असल्याचे विक्रेते सांगतात.
आवक घटली, दर वाढणार
लिंबाची आवक कमी झाली असून, मागणी वाढल्याने दिवसेंदिवस भाववाढ होत आहे. सध्या ७० रुपये भाव असून, नंतर दीडशे पार जाऊ शकते, असे लिंबू अडत व्यापारी सचिन वाघुले यांनी 'लोकमत'ला सांगितले.
रसवंती, हॉटेल, ग्राहकांकडून मागणी वाढली
हळूहळू उन्हाचा पारा वाढत चालला आहे. त्यामुळे रसवंत्या, हॉटेलवर लिंबाला मागणी वाढली असल्याचे शहरासह ग्रामीण भागात दिसत आहे.
आताच महाग; पुढे काय ?
उन्हाच्या सुरुवातीलाच लिंबू एवढे महाग झाले आहे. आणखी कडक उन्हाळा बाकी आहे. ऊन वाढले तर नंतर लिंबाचा भाव दीडशे ते दोनशे रुपये किलोच्या घरात जाऊ शकतो, असा विक्रेत्यांचा अंदाज आहे.
७० रुपये किलोप्रमाणे लिंबू बाजारात
सध्या उन्हाची तीव्रता वाढू लागली आहे. बाजारपेठेत मध्यंतरी २५ ते ४० रुपये किलो लिंबाला बाजारभाव होता; पण आता ७० रुपये किलोचा भाव बाजारात मिळत आहे.
लिंबाच्या दरात उसळी कशामुळे?
थंडीच्या दिवसांत लिंबाला एवढा भाव किंवा मागणी नसते; पण उन्हाची चाहूल लागताच सरबत, उसाचा रस, रोजच्या आहारात मागणी वाढल्याने लिंबाच्या दराने उसळी घेल्याचे दिसून येत आहे.
शेतकऱ्यांसाठी लिंबू शेती एटीएम
माल जरी कमी निघत असला तरी भाव चांगला मिळतोय. इतर पिकापेक्षा लिंबूशेती फायदेशीर असून, दररोज हातात पैसा येत असल्याने ग्रामीण भागातील शेतकऱ्यांसाठी लिंबू शेती एटीएम असल्याचे चोंभानिमगाव येथील शेतकरी रेवणनाथ राऊत यांनी सांगितले.
कृषी पणन मंडळाच्या अधिकृत माहितीनुसार राज्यातील लिंबू आवक व दर
| बाजार समिती | जात/प्रत | परिमाण | आवक | कमीत कमी दर | जास्तीत जास्त दर | सर्वसाधारण दर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 01/03/2026 | ||||||
| छत्रपती संभाजीनगर | --- | क्विंटल | 25 | 8000 | 13000 | 10500 |
| राहता | --- | क्विंटल | 7 | 7000 | 8000 | 7500 |
| पुणे-मोशी | लोकल | क्विंटल | 47 | 10000 | 10000 | 10000 |
| 28/02/2026 | ||||||
| अकलुज | --- | क्विंटल | 12 | 3000 | 5000 | 4000 |
| कोल्हापूर | --- | क्विंटल | 113 | 5000 | 7500 | 6000 |
| अहिल्यानगर | --- | क्विंटल | 18 | 2000 | 7500 | 4750 |
| जळगाव | --- | क्विंटल | 45 | 1500 | 3500 | 2500 |
| छत्रपती संभाजीनगर | --- | क्विंटल | 42 | 6000 | 8000 | 7000 |
| राहूरी | --- | क्विंटल | 2 | 5000 | 7000 | 6000 |
| श्रीरामपूर | --- | क्विंटल | 14 | 3000 | 4000 | 3550 |
| राहता | --- | क्विंटल | 4 | 2000 | 8000 | 5000 |
| नाशिक | हायब्रीड | क्विंटल | 20 | 5000 | 7000 | 6000 |
| सोलापूर | लोकल | क्विंटल | 28 | 800 | 7500 | 4000 |
| अमरावती- फळ आणि भाजीपाला | लोकल | क्विंटल | 60 | 5500 | 6500 | 6000 |
| पुणे-मोशी | लोकल | क्विंटल | 63 | 8000 | 10000 | 9000 |
| नागपूर | लोकल | नग | 120 | 7000 | 7500 | 7375 |
| भुसावळ | लोकल | क्विंटल | 4 | 8000 | 9000 | 9000 |
| 27/02/2026 | ||||||
| अकलुज | --- | क्विंटल | 10 | 3000 | 5000 | 4000 |
| जळगाव | --- | क्विंटल | 9 | 6000 | 9000 | 7500 |
| श्रीरामपूर | --- | क्विंटल | 22 | 3000 | 4000 | 3550 |
| नाशिक | हायब्रीड | क्विंटल | 18 | 5000 | 7500 | 7000 |
| कल्याण | हायब्रीड | क्विंटल | 3 | 5000 | 6000 | 5500 |
| धाराशिव | कागदी | क्विंटल | 8 | 2000 | 6000 | 4000 |
| सोलापूर | लोकल | क्विंटल | 30 | 900 | 8000 | 3500 |
| पुणे | लोकल | क्विंटल | 385 | 400 | 2400 | 1800 |
| पुणे-मोशी | लोकल | क्विंटल | 38 | 10000 | 10000 | 10000 |
| जुन्नर - नारायणगाव | लोकल | क्विंटल | 8 | 1000 | 9000 | 5000 |
| मुंबई | लोकल | क्विंटल | 181 | 2000 | 3000 | 2500 |
| भुसावळ | लोकल | क्विंटल | 3 | 7500 | 8000 | 8000 |
| हिंगणा | लोकल | क्विंटल | 1 | 7000 | 11000 | 8750 |
Web Summary : Lemon prices surged to ₹70 due to rising demand from juice vendors, hotels, and households amid increasing temperatures. Supply shortages are driving prices up, with predictions of further increases to ₹150-200 per kg as summer intensifies. Farmers see lemon farming as a profitable venture.
Web Summary : गर्मी बढ़ने के कारण नींबू की मांग बढ़ने से कीमतें ₹70 तक पहुंच गईं। जूस विक्रेताओं, होटलों और घरों से मांग में वृद्धि हुई है। आपूर्ति में कमी के कारण कीमतें बढ़ रही हैं, और गर्मी बढ़ने पर ₹150-200 प्रति किलो तक बढ़ने की आशंका है। किसान नींबू की खेती को फायदे का सौदा मानते हैं।