नवी दिल्ली - सोन्यावर कर्ज घेणाऱ्यांचे प्रमाण देशात झपाट्याने वाढत असून, त्यामुळे चिंता निर्माण झाली आहे. एका अहवालानुसार, डिसेंबर २०२५अखेर सुमारे १.४ कोटी कर्जदारांवर प्रत्येकी २.५० लाख रुपयांपेक्षा जास्त रकमेची सुवर्ण कर्जे थकीत आहेत. विशेष म्हणजे, यातील बहुसंख्य कर्जदार आधीच इतर कर्जांच्या विळख्यात अडकलेले असून, हप्ते फेडताना त्यांची मोठी दमछाक होत असल्याचे विदारक चित्र आहे.
{{#config.logo.enabled}} {{/config.logo.enabled}}
{{/allowed}}
१.४ कोटी लोकांवर २.५० लाख रुपयांपेक्षा अधिकच्या सोन्याच्या कर्जाचा बोजा आहे.१७.१ कोटींपर्यंत पोहोचली देशातील गोल्ड लोन खात्यांची संख्या. गोल्ड लोनचे मार्केट १६.२ लाख कोटी रुपयांपेक्षा अधिक झाले.
English
हिंदी सारांश
Web Title : Burdened by Debt, People Now Opt for Gold Loans: Risk Increases
Web Summary : India sees a rapid rise in gold loans, raising concerns. By December 2025, 1.4 crore borrowers will owe over ₹2.5 lakh each. Many are already struggling with existing debts, making repayment difficult. Gold loan accounts reach 17.1 crore, market exceeding ₹16.2 lakh crore.
Web Summary : India sees a rapid rise in gold loans, raising concerns. By December 2025, 1.4 crore borrowers will owe over ₹2.5 lakh each. Many are already struggling with existing debts, making repayment difficult. Gold loan accounts reach 17.1 crore, market exceeding ₹16.2 lakh crore.
Web Title : कर्ज में डूबे लोग अब सोने पर ले रहे हैं ऋण: जोखिम बढ़ा
Web Summary : भारत में सोने पर ऋण लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे चिंता बढ़ रही है। दिसंबर 2025 तक, 1.4 करोड़ उधारकर्ताओं पर 2.5 लाख रुपये से अधिक का ऋण बकाया होगा। इनमें से कई पहले से ही कर्ज में डूबे हैं, जिससे पुनर्भुगतान मुश्किल हो रहा है। गोल्ड लोन खाते 17.1 करोड़ तक पहुंचे, बाजार ₹16.2 लाख करोड़ से अधिक।
Web Summary : भारत में सोने पर ऋण लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे चिंता बढ़ रही है। दिसंबर 2025 तक, 1.4 करोड़ उधारकर्ताओं पर 2.5 लाख रुपये से अधिक का ऋण बकाया होगा। इनमें से कई पहले से ही कर्ज में डूबे हैं, जिससे पुनर्भुगतान मुश्किल हो रहा है। गोल्ड लोन खाते 17.1 करोड़ तक पहुंचे, बाजार ₹16.2 लाख करोड़ से अधिक।