Gahu Bajarbhav : राज्यातील विविध बाजार समित्यांमध्ये आज (११ एप्रिल) रोजी गव्हाच्या बाजारभावात मिश्र चित्र पाहायला मिळाले.
काही बाजारांमध्ये दरात वाढ दिसून आली, तर अनेक ठिकाणी दर दबावाखाली राहिले. एकूणच आवक वाढल्याने दरांवर परिणाम झाल्याचे चित्र आहे.
एकूण आवक किती?
आज गव्हाची एकूण आवक सुमारे ३०,८२० क्विंटल नोंदवण्यात आली.
यामध्ये सर्वाधिक आवक खालील बाजारांमध्ये झाली.
कारंजा : ६,००० क्विंटल
मुंबई : १०,९३४ क्विंटल
अमरावती : २,२२९ क्विंटल
अकोला : १,९८७ क्विंटल
नागपूर (लोकल, शरबती) : ३,१५० क्विंटल पेक्षा अधिक
यावरून मोठ्या बाजारांमध्ये आवक वाढल्याने दरांवर दबाव आल्याचे दिसते.
कोणत्या बाजारात आवक कमी?
बार्शी : १५ क्विंटल
जळगाव : ४ क्विंटल
परतूर : १३ क्विंटल
अकलुज : १८७ क्विंटल
कमी आवक असूनही काही ठिकाणी दर स्थिर राहिले, तर काही ठिकाणी विशेष वाढ दिसली नाही.
दर कुठे वाढले?
पुणे (शरबती) : ४,००० ते ५,००० (सरासरी ४,५००)
मुंबई : २,९०० ते ५,००० (सरासरी ३,९५०)
सोलापूर (शरबती) : २,६०५ ते ३,७९० (सरासरी ३,२७०)
वडूज : २,८०० ते ३,०००
उच्च प्रतीच्या गव्हाला (विशेषतः शरबती) चांगली मागणी असल्याचे स्पष्ट होते.
दर कुठे घसरले?
जळगाव : १,८०० (किमान स्तर)
सिन्नर-हिवरगाव : सरासरी २,१५०
राहुरी-वांबोरी : सरासरी २,१५४
गंगापूर / भोकरदन : २,१००-२,१५०
या बाजारांमध्ये जास्त आवक आणि कमी मागणीमुळे दर दबावाखाली राहिले.
कोणत्या जातीला जास्त मागणी?
शरबती गहू सर्वाधिक मागणी व उच्च दर
बन्सी गहू काही ठिकाणी (बार्शी) ६,५०० पर्यंत दर
पिवळा गहू मध्यम दर (२,३००-२,९६०)
लोकल गहू सर्वसाधारण दर (२,०००-२,५००)
यावरून दर्जेदार गव्हाला बाजारात जास्त किंमत मिळत असल्याचे दिसते.
राज्यातील इतर बाजार समितीमध्ये गव्हाची आवक (Gahu Arrivals) किती झाली आणि त्याला कसा दर मिळाला ते वाचा सविस्तर
शेतमाल : गहू
दर प्रती युनिट (रु.)
| बाजार समिती | जात/प्रत | परिमाण | आवक | कमीत कमी दर | जास्तीत जास्त दर | सर्वसाधारण दर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 11/04/2026 | ||||||
| बार्शी | --- | क्विंटल | 15 | 2675 | 2700 | 2675 |
| सिन्नर - हिवरगांव | --- | क्विंटल | 283 | 2000 | 2401 | 2150 |
| राहूरी -वांबोरी | --- | क्विंटल | 67 | 2097 | 2355 | 2154 |
| कारंजा | --- | क्विंटल | 6000 | 2165 | 2375 | 2275 |
| तुळजापूर | --- | क्विंटल | 69 | 2100 | 2200 | 2150 |
| जळगाव | २१८९ | क्विंटल | 4 | 1800 | 1800 | 1800 |
| शेवगाव | २१८९ | क्विंटल | 303 | 2000 | 2351 | 2000 |
| शेवगाव - भोदेगाव | २१८९ | क्विंटल | 56 | 2100 | 2200 | 2100 |
| परतूर | २१८९ | क्विंटल | 13 | 2200 | 2300 | 2250 |
| वडूज | २१८९ | क्विंटल | 60 | 2800 | 3000 | 2900 |
| दुधणी | २१८९ | क्विंटल | 70 | 2150 | 2875 | 2875 |
| बार्शी | बन्सी | क्विंटल | 6 | 6500 | 6500 | 6500 |
| पैठण | बन्सी | क्विंटल | 238 | 2600 | 2600 | 2600 |
| मुरुम | बन्सी | क्विंटल | 59 | 2126 | 2161 | 2144 |
| अकलुज | लोकल | क्विंटल | 187 | 2200 | 2200 | 2200 |
| अकोला | लोकल | क्विंटल | 1987 | 2000 | 2525 | 2390 |
| अमरावती | लोकल | क्विंटल | 2229 | 2100 | 2500 | 2300 |
| धुळे | लोकल | क्विंटल | 481 | 2000 | 2515 | 2300 |
| मालेगाव | लोकल | क्विंटल | 1240 | 1899 | 2560 | 2225 |
| बार्शी -वैराग | लोकल | क्विंटल | 10 | 2550 | 2550 | 2550 |
| नागपूर | लोकल | क्विंटल | 1500 | 2150 | 2311 | 2270 |
| छत्रपती संभाजीनगर | लोकल | क्विंटल | 570 | 1870 | 2511 | 2290 |
| मुंबई | लोकल | क्विंटल | 10934 | 2900 | 5000 | 3950 |
| भोकरदन | लोकल | क्विंटल | 202 | 2000 | 2150 | 2100 |
| अजनगाव सुर्जी | लोकल | क्विंटल | 120 | 1900 | 2500 | 2400 |
| तळोदा | लोकल | क्विंटल | 250 | 2200 | 2400 | 2350 |
| गंगापूर | लोकल | क्विंटल | 350 | 2000 | 2320 | 2150 |
| अहमहपूर | लोकल | क्विंटल | 125 | 2585 | 2700 | 2642 |
| माजलगाव | पिवळा | क्विंटल | 178 | 2592 | 2960 | 2670 |
| उमरखेड | पिवळा | क्विंटल | 70 | 2300 | 2500 | 2400 |
| उमरखेड-डांकी | पिवळा | क्विंटल | 130 | 2300 | 2500 | 2400 |
| सोलापूर | शरबती | क्विंटल | 801 | 2605 | 3790 | 3270 |
| पुणे | शरबती | क्विंटल | 563 | 4000 | 5000 | 4500 |
| नागपूर | शरबती | क्विंटल | 1650 | 3200 | 3500 | 3425 |
(सौजन्य : महाराष्ट्र राज्य कृषि व पणन महामंडळ)
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Web Summary : Wheat prices show a mixed trend across Maharashtra markets. While some markets see gains, others face pressure due to increased supply. Sharabati wheat fetches high prices, while local varieties see fluctuating rates depending on demand and region.
Web Summary : महाराष्ट्र के बाजारों में गेहूं की कीमतों में मिश्रित रुझान दिखा। कुछ बाजारों में वृद्धि हुई, जबकि अन्य में आपूर्ति बढ़ने से दबाव रहा। शरबती गेहूं की कीमतें अच्छी हैं, जबकि स्थानीय किस्मों की कीमतें मांग और क्षेत्र के आधार पर बदलती रहीं।