नवी दिल्ली : जागतिक बाजारपेठेत इराण-इस्रायल युद्धामुळे कच्च्या तेलाच्या किमती भडकल्या असतानाच, आता एका अत्यंत सूक्ष्म वस्तूने भारतीय कारखानदारीसमोर मोठे संकट उभे केले आहे. नट, बोल्ट, स्क्रू आणि वॉशर यांसारख्या 'फास्टनर्स'साठी लागू करण्यात आलेल्या कडक गुणवत्ता नियंत्रण नियमांमुळे (क्यूसीओ) देशातील उत्पादन साखळी विस्कळीत झाली असून, उत्पादन खर्चही गगनाला भिडला आहे.
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{{/allowed}}छोटा घटक, मोठा तोटा !
फास्टनर्सचा एकूण उत्पादन खर्चातील वाटा १ टक्क्यांपेक्षाही कमी असतो. मात्र, यांच्या अभावामुळे संपूर्ण असेंब्ली लाइन ठप्प होऊ शकते किंवा मोठे प्रकल्प रखडू शकतात.
एकाच मशीनवर अनेक प्रकारचे नट-बोल्ट तयार होतात, पण प्रत्येक प्रकारासाठी स्वतंत्र बीआयएस प्रमाणपत्र घेणे अनिवार्य केल्याने लघु उद्योजकांचे कंबरडे मोडले आहे.
English
हिंदी सारांश
Web Title : Tightened Nut-Bolt Rules Cripple Indian Industries, Costs Surge
Web Summary : New quality control rules for fasteners like nuts and bolts are disrupting Indian manufacturing. Production costs have skyrocketed due to mandatory BIS certification for each type, severely impacting small businesses and threatening project timelines. A small component, a big loss!
Web Summary : New quality control rules for fasteners like nuts and bolts are disrupting Indian manufacturing. Production costs have skyrocketed due to mandatory BIS certification for each type, severely impacting small businesses and threatening project timelines. A small component, a big loss!
Web Title : नट-बोल्ट नियमों ने भारतीय उद्योगों को किया पंगु, लागत बढ़ी
Web Summary : नट और बोल्ट जैसे फास्टनरों के लिए नए गुणवत्ता नियंत्रण नियमों से भारतीय विनिर्माण बाधित हो रहा है। प्रत्येक प्रकार के लिए अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन के कारण उत्पादन लागत आसमान छू गई है, जिससे छोटे व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हैं और परियोजना समय-सीमा खतरे में है।
Web Summary : नट और बोल्ट जैसे फास्टनरों के लिए नए गुणवत्ता नियंत्रण नियमों से भारतीय विनिर्माण बाधित हो रहा है। प्रत्येक प्रकार के लिए अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन के कारण उत्पादन लागत आसमान छू गई है, जिससे छोटे व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हैं और परियोजना समय-सीमा खतरे में है।